संत श्रीसाईं बाबा की यह वाणी किसी भी जीव की भूख को शांत करने और अपनी क्षमता के अनुसार दान करने का सच्चा मार्ग समझाती है।“जो भूखा है उसे पहले भोजन दो, फिर मुझे भोग लगाओ।यदि तुम किसी जरूरतमंद को दुत्कारते हो, तो तुम मुझे दुत्कारते हो।”साईं बाबा कहते हैं कि यदि तुम्हारे द्वार पर कोई भूखा या लाचार व्यक्ति आता है, तो मंदिर में आकर मेरी मूर्ति के आगे छप्पन भोग लगाने से पहले उस भूखे इंसान का पेट भरो। यदि तुम अपने जीवन में किसी गरीब या असहाय जीव का अनादर करते हो या उसे अपने दरवाजे से