सावन आया ही नहीं

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सावन नहीं आया जुलाई का उमस भरा मौसम। हवा तो बस नाम मात्र की चल रही थी। सड़ी हुई गर्मी पड़ रही थी। ईश्वर भी जैसे मानसून के साथ मजाक ही कर रहे थे। बादल आते तो जरूर लेकिन बरसते नहीं। ऊपर बैठा ईश्वर भी टिंकू के हालात पर हंस रहा होगा, जिसकी आंखे टप-टप बरस रही थी। टिंकू अपनी बीवी का फोटो हाथ में ले बिस्तर पर औंधा लेटा हुआ जार-जार रोये जा रहा था। साथ ही अपनी बीवी से माफी मांग रहा था। "मुझे माफ कर दो विनीता मैं तुम्हारा साथ नहीं दे पाया। पर एक मौका तो देती