आख़िरी दस्तक

  • 69

गाँव के बाहर एक पुराना और सुनसान मकान था। लोग कहते थे कि उस मकान में वर्षों पहले एक परिवार रहस्यमय तरीके से गायब हो गया था। उसके बाद से हर रात ठीक 3:03 बजे उस मकान के मुख्य दरवाज़े पर तीन बार दस्तक सुनाई देती थी। ठक... ठक... ठक...गाँव के बुज़ुर्ग हमेशा चेतावनी देते थे, "तीसरी दस्तक के बाद कभी दरवाज़ा मत खोलना। जो खोलता है, वह वापस तो आता है... लेकिन पहले जैसा नहीं रहता।"आदित्य शहर से पढ़ाई करके गाँव लौटा था। उसे ऐसी बातों पर बिल्कुल विश्वास नहीं था। उसने अपने दोस्तों से कहा, "अगर सच में वहाँ