वह सुन्दरी मुझे जगा हुआ देखकर उसने मेरी ओर देखा और मुस्कुराई तब तक वे दोनों अधेड़ प्रकट हो चुके थे एक ने मेरे हाथ धुलवाए और दूसरा जो खड़ा था उसने मुझे तौलीयां दिया हाथ पोंछने के उस सुन्दरी ने मेरा हाथ पकड़ लिया और राजमहल जैसे भवन में पता नहीं कहां से हल्की-हल्की सफेद रोशनी छाई हुई थी।वह मुझे हाथ पकड़ कर घुमाने ले गई राजमहल के बाहर एक सुंदर बगीचा था।उस बगीचे के एक किनारे पर एक तलाब बना हुआ था और उस तलाब के बीचोंबीच एक छोटा सा कमरा था।बगीचे के अंदर बहुत सुंदर सुंदर फूल