अन्तर्निहित - 47

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[47]“श्रीकृष्ण के चरित्र के विषय में बात करना किसी के भी सामर्थ्य की बात नहीं। तथापि इतना समझ लो कि कृष्ण जो भी करते थे; प्रकट रूप से करते थे। प्रेम भी प्रकट करते थे, शत्रुता भी। एक उदाहरण देता हूँ- एक अज्ञात युवती कृष्ण को पत्र लिखकर विनती करती है कि मेरी रक्षा करो। उसकी रक्षा हेतु कृष्ण शीघ्र ही अनेक योद्धाओं से युद्ध करने चल पड़ते हैं। शत्रुओं को परास्त कर उस युवती से कृष्ण विवाह भी करते हैं। उस युवती का नाम जानती हैं?”“रुक्मिणी?”“हाँ। रुक्मिणी के साथ ऐसा व्यवहार करने वाल कृष्ण किसी का त्याग कर सकता है