hindi Best Classic Stories Books Free And Download PDF

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Classic Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cu...Read More


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  • दादी की रसोई में छुपा इलाज

    दादी की रसोई में छुपा इलाज*मेरी दादी के पास हर मर्ज की दवा है। जब भी जीवन में को...

  • गांव की वह शाम

    गांव की शाम का अपना ही मज़ा है। शहर में तो बस ट्रैफिक और हॉर्न सुनाई देते हैं, प...

  • The Dream Man

    यह घटना लगभग बारह साल पहले 2012 की है, तब सब ओर नवरात्रि की धूमधाम थी। महज़ पन्द...

दादी के हाथ का जादुई अचार By Akanksha Dubey

*शीर्षक: दादी के हाथ का जादूई अचार*  *लेखक: आकांक्षा दुबे*
गर्मी की छुट्टी थी। गांव में आम के पेड़ के नीचे ढेर सारे कच्चे आम पड़े थे। मैं भाग के दादी के पास गई और बोली "दादी आ...

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दादी की रसोई में छुपा इलाज By Akanksha Dubey

दादी की रसोई में छुपा इलाज*मेरी दादी के पास हर मर्ज की दवा है। जब भी जीवन में कोई मुश्किल आ जाए, तो उनके पास हर समस्या का हल होता है। वो हमें समझाती हैं कि हर मुश्किल का सामना कैसे...

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जिस जीवन में तुम थे - 5 By SHREYA INDUSHREE

सितंबर की शुरुआत थी।वर्ष का वह समय जब पेड़ हरे तो रहते हैं, लेकिन उनकी हरियाली में एक थकान उतरने लगती है।जैसे मौसम को पहले से पता हो कि पतझड़ दूर नहीं।समर ने उस दिन एक अजीब बात महस...

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अन्तर्निहित - 50 By Vrajesh Shashikant Dave

[50]अपनी निर्दोषता सिद्ध होने पर वत्सर मन ही मन श्री कृष्ण का धन्यवाद करते हुए स्तुति करने लगा। न्यायालय के प्रांगण में स्थित एक पीपल वृक्ष के नीचे पद्मासन में आँखें बंद कर बैठे वत...

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गांव की वह शाम By Akanksha Dubey

गांव की शाम का अपना ही मज़ा है। शहर में तो बस ट्रैफिक और हॉर्न सुनाई देते हैं, पर यहाँ चूल्हे की आग, तुलसी के पास दिया, और माँ की लोरी सुनाई देती है। बिजली चली जाए तो क्या, चाँदनी...

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सफ़ेद शॉल - 2 By SHREYA INDUSHREE

तारा बहुत देर तक उस लिफाफ़े को देखती रही।कमरे में केवल टेबल लैम्प की पीली रोशनी थी।घर सो चुका था।घड़ी रात के दो बजा रही थी।और उसके हाथों में था,यामिनी का अंतिम पत्र।धीरे-धीरे उसने...

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नम आँखे - 5 By Nandini Agarwal Apne Kalam Sein

आयुष - मम्मा कल के शो की टिकट बुक करा देते है। धुरन्धर पिक्चर देखना है। अच्छा ठीक है। नैन्शी उसी हिसाब से घर का टाइम टेबल सेट करना है।मम्मा आप कितना टाइम को सेट करके चलती हो। हमारे...

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The Dream Man By Shree Kriti

यह घटना लगभग बारह साल पहले 2012 की है, तब सब ओर नवरात्रि की धूमधाम थी। महज़ पन्द्रह साल की श्रेयसी की नज़र तब इतफ़ाक से एक मैगज़ीन में बेहद हैंडसम दिखाई दे रहे नौजवान की तस्वीर पर...

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काली धरती का देवदूत By prem chand hembram

धनबाद उस समय सिर्फ एक शहर नहीं था—वह कोयले, धुएँ, पसीने और बीमारी से बना एक जीवित नरक था।धरती के नीचे साँस लेते मजदूर,ऊपर भूख से लड़ते परिवार,और चारों ओर टीबी का भय।अविभाजित बिहार...

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धरतीपुत्र By prem chand hembram

धरतीपुत्र — एक साहसिक गाथा (संवेदनाओं और संघर्ष की विस्तृत कथा )कोयले की धूल और पत्थरों की चोटों के बीच जीवन बिताने वाले बाबूराम हेंब्रम का चेहरा हमेशा धूप में तपे खेत जैसा दिखता थ...

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पीपल तले उम्मीद By prem chand hembram

️ पीपल तले उम्मीद ️कई दिनों से आसमान में बादल लुका-छिपी का खेल खेल रहे थे।कभी लगता — बस अब मूसलाधार बारिश होगी,पर तभी दक्षिणी हवा का एक तेज झोंका आता और बादलों को दूर उड़ा ले जाता।...

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मानव जीवन का आईना - बोधार्थी रौनक़ By Raunak

रात का समय था...टेबल पर गोदान खुली हुई थी...बाहर कहीं दूर कुत्तों के भौंकने की आवाज आ रही थी...और भीतर शब्द धीरे-धीरे मनुष्य को खोल रहे थे...पहले लगता था कि गोदान सिर्फ किसान जीवन...

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प्यार हवस या कुछ और By manu gupta

मैं अपने क्लीनिक में बैठी थी। तभी एक लड़की लगभग 15 साल की थी बह आई। मैडम मेरे पेट में दर्द हो रहा है।  मैने उसके प्राथमिक चेकअप किए तो मुझे कुछ संदेह हुआ। मैने कुछ दवाई लिखकर उसको...

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दोस्ती By manu gupta

आज संदलपुर में रौनक ही रौनक थी क्योंकि आज बहुत ही पहुंचे हुए संत गांव में आए थे। विजेंद्र का दोस्त उसके पास आया। ओए वीजू आज बाबा महात्मा आए है बड़े ज्ञानी बाबा है उनको सुनने चलेंगे...

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गोदान : शब्दार्थ सहित - भाग 2 By Shivam Kumar Pandey

                गोदान: शब्दार्थ सहित,(भाग 2)                  मूल लेखक: मुंशी प्रेमचंद                    लेखक:                  Shivam Kumar Pandeyभाग 2सेमरी और बेलारी दोनों अवध-प...

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अम्मा - 3 By Nandini Agarwal Apne Kalam Sein

सारे दिन आईंने के सामने निहारती रहती है। जरा कुछ घर के कायों मे हाथ बटां दिया कर , बाजार से जा कर सब्जी फल ले आ ' ज्यादा सज सँवरने की क्या जरूरत है। रोज के ही लोग है। मण्डी जान...

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अनकही देहलीज़ By Jeetendra

अनकही देहलीज़भाग 1: अदृश्य रेखाएं"साहब, चाय टेबल पर रख दी है।"आदित्य ने अपनी फाइल से नज़रें नहीं हटाईं। खिड़की के बाहर शहर की शोर भरी शाम ढल रही थी। कमरे में रोशनी कम थी, पर वह अंधे...

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किताब — मेरी प्रिय मित्र By Arun Kumar

भाग 1: बचपन की शुरुआतमेरा नाम आदित्य है। मैं हिमाचल प्रदेश के एक छोटे से कस्बे में जन्मा और पला-बढ़ा।हमारा घर छोटा था, लेकिन उसमें एक बड़ी दुनिया बसती थी — किताबों की दुनिया।पिता ज...

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अन्याय By manshi

उर्मी एक गरीब घर की लड़की थी। पर वह बहुत होनहार और होशियार थी। उसके पिता बहुत बीमार रहते थे। उनकी चिकित्सा करवानी थी। पैसों की तंगी की वजह से यह बस एक सपना बन कर रह गया था। उसकी मा...

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The Book of the Secrets of Enoch.... - 9 By Tanu Kadri

अध्याय 47, XLVII1 और अब हे मेरे बालको, अपने अपने मन में विचार करो, और अपने पिता के वचनोंको जो भगवान के मुंह से तुम्हारे पास पहुंचे हैं, भलीभांति स्मरण रखो। 2 अपने पिता की लिखावट की...

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किराए की कोख - 1 By Jeetendra

भाग: 1 — बाज़ार में ममताशहर की चकाचौंध से दूर, जहाँ ऊँची इमारतों का साया भी गरीबों की झुग्गियों को डराने आता था, वहाँ शांति का एक छोटा सा कमरा था। कमरा क्या, ईंटों का एक ऐसा संदूक ज...

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दादी के हाथ का जादुई अचार By Akanksha Dubey

*शीर्षक: दादी के हाथ का जादूई अचार*  *लेखक: आकांक्षा दुबे*
गर्मी की छुट्टी थी। गांव में आम के पेड़ के नीचे ढेर सारे कच्चे आम पड़े थे। मैं भाग के दादी के पास गई और बोली "दादी आ...

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दादी की रसोई में छुपा इलाज By Akanksha Dubey

दादी की रसोई में छुपा इलाज*मेरी दादी के पास हर मर्ज की दवा है। जब भी जीवन में कोई मुश्किल आ जाए, तो उनके पास हर समस्या का हल होता है। वो हमें समझाती हैं कि हर मुश्किल का सामना कैसे...

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जिस जीवन में तुम थे - 5 By SHREYA INDUSHREE

सितंबर की शुरुआत थी।वर्ष का वह समय जब पेड़ हरे तो रहते हैं, लेकिन उनकी हरियाली में एक थकान उतरने लगती है।जैसे मौसम को पहले से पता हो कि पतझड़ दूर नहीं।समर ने उस दिन एक अजीब बात महस...

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अन्तर्निहित - 50 By Vrajesh Shashikant Dave

[50]अपनी निर्दोषता सिद्ध होने पर वत्सर मन ही मन श्री कृष्ण का धन्यवाद करते हुए स्तुति करने लगा। न्यायालय के प्रांगण में स्थित एक पीपल वृक्ष के नीचे पद्मासन में आँखें बंद कर बैठे वत...

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गांव की वह शाम By Akanksha Dubey

गांव की शाम का अपना ही मज़ा है। शहर में तो बस ट्रैफिक और हॉर्न सुनाई देते हैं, पर यहाँ चूल्हे की आग, तुलसी के पास दिया, और माँ की लोरी सुनाई देती है। बिजली चली जाए तो क्या, चाँदनी...

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सफ़ेद शॉल - 2 By SHREYA INDUSHREE

तारा बहुत देर तक उस लिफाफ़े को देखती रही।कमरे में केवल टेबल लैम्प की पीली रोशनी थी।घर सो चुका था।घड़ी रात के दो बजा रही थी।और उसके हाथों में था,यामिनी का अंतिम पत्र।धीरे-धीरे उसने...

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नम आँखे - 5 By Nandini Agarwal Apne Kalam Sein

आयुष - मम्मा कल के शो की टिकट बुक करा देते है। धुरन्धर पिक्चर देखना है। अच्छा ठीक है। नैन्शी उसी हिसाब से घर का टाइम टेबल सेट करना है।मम्मा आप कितना टाइम को सेट करके चलती हो। हमारे...

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The Dream Man By Shree Kriti

यह घटना लगभग बारह साल पहले 2012 की है, तब सब ओर नवरात्रि की धूमधाम थी। महज़ पन्द्रह साल की श्रेयसी की नज़र तब इतफ़ाक से एक मैगज़ीन में बेहद हैंडसम दिखाई दे रहे नौजवान की तस्वीर पर...

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काली धरती का देवदूत By prem chand hembram

धनबाद उस समय सिर्फ एक शहर नहीं था—वह कोयले, धुएँ, पसीने और बीमारी से बना एक जीवित नरक था।धरती के नीचे साँस लेते मजदूर,ऊपर भूख से लड़ते परिवार,और चारों ओर टीबी का भय।अविभाजित बिहार...

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धरतीपुत्र By prem chand hembram

धरतीपुत्र — एक साहसिक गाथा (संवेदनाओं और संघर्ष की विस्तृत कथा )कोयले की धूल और पत्थरों की चोटों के बीच जीवन बिताने वाले बाबूराम हेंब्रम का चेहरा हमेशा धूप में तपे खेत जैसा दिखता थ...

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पीपल तले उम्मीद By prem chand hembram

️ पीपल तले उम्मीद ️कई दिनों से आसमान में बादल लुका-छिपी का खेल खेल रहे थे।कभी लगता — बस अब मूसलाधार बारिश होगी,पर तभी दक्षिणी हवा का एक तेज झोंका आता और बादलों को दूर उड़ा ले जाता।...

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मानव जीवन का आईना - बोधार्थी रौनक़ By Raunak

रात का समय था...टेबल पर गोदान खुली हुई थी...बाहर कहीं दूर कुत्तों के भौंकने की आवाज आ रही थी...और भीतर शब्द धीरे-धीरे मनुष्य को खोल रहे थे...पहले लगता था कि गोदान सिर्फ किसान जीवन...

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प्यार हवस या कुछ और By manu gupta

मैं अपने क्लीनिक में बैठी थी। तभी एक लड़की लगभग 15 साल की थी बह आई। मैडम मेरे पेट में दर्द हो रहा है।  मैने उसके प्राथमिक चेकअप किए तो मुझे कुछ संदेह हुआ। मैने कुछ दवाई लिखकर उसको...

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दोस्ती By manu gupta

आज संदलपुर में रौनक ही रौनक थी क्योंकि आज बहुत ही पहुंचे हुए संत गांव में आए थे। विजेंद्र का दोस्त उसके पास आया। ओए वीजू आज बाबा महात्मा आए है बड़े ज्ञानी बाबा है उनको सुनने चलेंगे...

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गोदान : शब्दार्थ सहित - भाग 2 By Shivam Kumar Pandey

                गोदान: शब्दार्थ सहित,(भाग 2)                  मूल लेखक: मुंशी प्रेमचंद                    लेखक:                  Shivam Kumar Pandeyभाग 2सेमरी और बेलारी दोनों अवध-प...

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सारे दिन आईंने के सामने निहारती रहती है। जरा कुछ घर के कायों मे हाथ बटां दिया कर , बाजार से जा कर सब्जी फल ले आ ' ज्यादा सज सँवरने की क्या जरूरत है। रोज के ही लोग है। मण्डी जान...

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अनकही देहलीज़ By Jeetendra

अनकही देहलीज़भाग 1: अदृश्य रेखाएं"साहब, चाय टेबल पर रख दी है।"आदित्य ने अपनी फाइल से नज़रें नहीं हटाईं। खिड़की के बाहर शहर की शोर भरी शाम ढल रही थी। कमरे में रोशनी कम थी, पर वह अंधे...

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किताब — मेरी प्रिय मित्र By Arun Kumar

भाग 1: बचपन की शुरुआतमेरा नाम आदित्य है। मैं हिमाचल प्रदेश के एक छोटे से कस्बे में जन्मा और पला-बढ़ा।हमारा घर छोटा था, लेकिन उसमें एक बड़ी दुनिया बसती थी — किताबों की दुनिया।पिता ज...

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अन्याय By manshi

उर्मी एक गरीब घर की लड़की थी। पर वह बहुत होनहार और होशियार थी। उसके पिता बहुत बीमार रहते थे। उनकी चिकित्सा करवानी थी। पैसों की तंगी की वजह से यह बस एक सपना बन कर रह गया था। उसकी मा...

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The Book of the Secrets of Enoch.... - 9 By Tanu Kadri

अध्याय 47, XLVII1 और अब हे मेरे बालको, अपने अपने मन में विचार करो, और अपने पिता के वचनोंको जो भगवान के मुंह से तुम्हारे पास पहुंचे हैं, भलीभांति स्मरण रखो। 2 अपने पिता की लिखावट की...

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किराए की कोख - 1 By Jeetendra

भाग: 1 — बाज़ार में ममताशहर की चकाचौंध से दूर, जहाँ ऊँची इमारतों का साया भी गरीबों की झुग्गियों को डराने आता था, वहाँ शांति का एक छोटा सा कमरा था। कमरा क्या, ईंटों का एक ऐसा संदूक ज...

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