सहते-सहते

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सहते-सहतेकमल चोपड़ा​पहली बार ही ऐसा हुआ कि वह अपने पति के चेहरे को देखकर कुछ भी अनुमान नहीं लगा पा रही थी कि उसकी आज कहीं दिहाड़ी लगी या नहीं? पूछने पर पता चला कि वह खाली हाथ ही लौटा है। पति को हाथ-मुंह धोने के लिए कहकर वह चूल्हे की ओर बढ़ी तो पति ने उसे रोक दिया। पत्नी झुंझलाई कि दिहाड़ी नहीं लगी तो क्या हुआ, रोटी नहीं खाओगे? जिंदगी रहे तो काम तो लगता ही रहेगा। पत्नी ने मजाक में कहा कि कहीं ऐसा तो नहीं है कि आज वह कहीं से बर्फी-पेड़े खाकर लौटा है जो