(शादी का हॉल सज चुका है। लाल जोड़े में सिमरन खड़ी है। उसका चेहरा दुःख और डर से फीका पड़ा है।)"सिमरन… लाल जोड़े में, मासूमियत की आड़ मेंडर और निराशा छिपाए हुए किसी परी की तरह लग रही थी।करण के रिश्तेदार आए थे,पर सिमरन उन्हें असली रूप में देख सकती थी…वो सब शैतान थे।बाकी लोग उन्हें केवल इंसान समझ रहे थे।18 साल की मासूम बच्ची के साथ ये सब हो रहा था।और लोग खुश हो रहे थे, नाच रहे थे, गा रहे थे। "(सिमरन अपने हाथ जोड़कर खड़ी है। उसकी आँखें फैल रही हैं। उसका हृदय तेज़ी से धड़क रहा