Devil की दास्तान - 11

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(सुबह का समय। ऑफिस में सिमरन फाइलों में उलझी बैठी है। उसकी मासूमियत वैसी ही है, जैसे हमेशा। उसे नहीं पता उसके चारों ओर मौत का साया मंडरा रहा है।)"सिमरन… जिसके लिए ये दुनिया मासूमियत और डर से भरी थी…अब अनजाने में उस खेल का हिस्सा बन चुकी थीजहाँ इंसानियत और खून की प्यास टकरा रहे थे।"(करण केबिन के शीशे से बाहर सिमरन को देख रहा है। उसकी आँखों में बेचैनी है। उसके मन में बिरादरी की धमकी गूंज रही है।)Karan (मन ही मन) बोला - "अगर मैंने इसे नहीं मारा… तो ये लोग इसे नोच डालेंगे।मुझे इसे इस शहर से,