एक अधूरी मां - 3

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ममता की बँटती राहेंसमय अपनी गति से चलता रहा, पर राधा के घर की हवाएँ अभी भी भारी थीं। राधा के बेटे, 'आर्यन' के आने से घर में रौनक तो आई, पर साथ ही दूरियाँ भी बढ़ गईं। सूरज के चार पुराने बच्चे—जो अब किशोर (teenagers) हो रहे थे—उनके मन में यह बात घर कर गई थी कि अब इस घर में उनका हक कम हो गया है।राधा का पूरा दिन छोटे आर्यन की देखभाल में बीतता। कभी उसकी मालिश, कभी उसे लोरी सुनाना, तो कभी उसकी छोटी-छोटी बीमारियों की चिंता। सूरज जब काम से आता, तो उसकी नज़रें सबसे