" टाम जिंदा है ------ 18 वा धारावाहिक --------------"मतलब की आग से जल जाना, हर किसी को आता है.... राणा कोई नया पात्र नहीं है... मेरे हर उपन्यास का खरीददार यही तो होता है। अमरीश को एक नया झटका लगा... अचानक। अचानक भी कया बला है। जो अचानक ही होता है।"भवानी सिंह तेरी ये कैसी करगुज़ारी है, एक mlA के जवाई ओर रिश्तेदार को भी बचा नहीं सके। " ssp की गुज जबरदस्त थी। "कया सोचते हो वो ऊगल नहीं उठाएगा... तुम पर " ssp एक दम चुप। सीधा शक उसका तुम पर हमारी केटागिरी की तरफ ही जायेगा। "