अँजोर के राह

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कहानी: “अँजोर के राह”गांव के किनारा म एक छोटकुन घर रहिस—माटी के दीवार, खपरैल के छत। ओ घर म रहत रहिस रामसाय अऊ ओकर बिटिया, गीता। गीता बहुत तेज-तर्रार अऊ सपना देखे वाली लइकी रहिस। वो रोज अपन ददा ले पूछत रहिस— “ददा, हमन घलो बड़े सहर जाके पढ़ सकथन का?” रामसाय मुस्कुरा के कहत— “बिटिया, पढ़ई-लिखई बर मन लगाहीस, त तोर बर दुनिया के कऊनो दरवाजा बंद नइ रहय।” गांव म स्कूल तो रहिस, फेर बस पाँचवीं तक। ओकर बाद पढ़ई बर 10 कोस दूर जाना परत रहिस। जादा लइका-लइकी मन बीच म पढ़ई छोड़ देथें, फेर गीता के