अंधेर रात - भाग 3

Part 3 — पीछे कौन थाछप… छप… छप…कमरे के अंदर गीले पैरों की आवाज़ साफ सुनाई दे रही थी। आयुष का शरीर जैसे पत्थर बन गया। वह मुड़ना चाहता था, लेकिन डर ने उसकी गर्दन जकड़ ली थी। साँस गले में अटक रही थी। कमरे की हवा अचानक बर्फ जैसी ठंडी हो गई।फोन फर्श पर पड़ा था, उसकी स्क्रीन अब भी जल रही थी। वीडियो चल रहा था… और उसमें कॉरिडोर की लड़की गायब हो चुकी थी। कैमरा अब खाली गलियारा दिखा रहा था।लेकिन असली डर कमरे के अंदर था।आयुष ने हिम्मत करके धीरे-धीरे गर्दन घुमाई।पीछे कोई नहीं था।कमरा खाली