[44]न्यायालय का समय होते ही न्यायाधीश ने प्रवेश किया। उपस्थित जन समुदाय पर विहंगम दृष्टिपात किया। भागवत कथाकार चेतन महाराज, इस्कॉन के स्वामी जी सम्पूर्ण गोविंददासजी, अन्य व्यक्तियों के साथ साथ अपनी पत्नी एवं पुत्री को भूपेन्द्र ने देखा। उसने अपने मन को प्रश्न किया, ‘इन सबको झेल पाएगा वत्सर?’ उसने वत्सर को देखा। ‘कितना शांत, स्थिर और निश्चिंत प्रतीत होता है! कितनी श्रद्धा, कितना विश्वास होगा उसे अपने तर्क पर, अपने कृष्ण पर?’भूपेन्द्र ने स्थान ग्रहण किया। कार्यारंभ का संकेत किया। “महाशय, आज मैं देश के प्रखर भागवत कथाकार और प्रकांड ज्ञानी प. पु. श्री चेतन महाराज को प्रस्तुत करने की अनुमति