कतरा कतरा इश्क - 1

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“मोती… मोती!” पुकारती हुई आयरा गेट के बाहर आ गई थी।छोटा-सा पप्पी मोती तेज-तेज भाग रहा था और आयरा उसके पीछे भाग रही थी।भागते-भागते उसका दुपट्टा उतरकर उसके हाथ में आ गया। वह बुरी तरह हांफ रही थी, लेकिन उसका सारा ध्यान सिर्फ मोती पर था।अचानक वो गली की तरफ भागा—आयरा उसके पीछे थी।और उसी वक्त वो सामने से आती जीप के बिल्कुल सामने पहुँच गई।चीईईं…!जीप के ब्रेक जोर से लगे।“मरना है क्या?” गुस्से से आवाज आई।आयरा घबरा गई। उसकी डार्क ब्राउन आंखों में घबराहट साफ दिखाई दे रही थी। उसने कांपते हुए हाथ से मोती की तरफ इशारा किया,