हर कदम परीक्षा

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हर कदम परीक्षा​ कमल चोपड़ाकाम की तलाश में इधर-उधर धक्के खाने के बाद निराश होकर मधुकांत घर लौटने लगा तो पीछे से आवाज आई, 'ऐ भाई, यहाँ कोई मजदूर मिलेगा क्या?'​मधुकांत ने मुड़ कर देखा तो एक कदम झुकी हुई कमरवाला बूढ़ा तीन गठरियाँ उठाए हुए खड़ा है। मधुकांत ने कहा, 'हाँ, बोलो क्या काम है? मैं ही मजदूरी कर लूँगा।'​'मुझे रामपुर जाना है...। दो गठरियाँ मैं उठा लूँगा पर... मेरी एक गठरी रामपुर पहुँचा दो, दो रुपए दूँगा। बोलो मंजूर है?'​'ठीक है। चलो... आप बुजुर्ग हैं। आपकी इतनी मदद करना तो मैं यों भी फर्ज समझता हूँ।' मधुकांत ने