सुबह सवेरे घर की डोरबेल बजने से उसकी नींद खुल गई।" ये इतनी सुबह कौन आया है" मेघना बड़बड़ाती हुई अपने बिखरे बालों को समेटती हुई दरवाजे के पास गई। दरवाजा खोल के देखा ,तो सामने उसका मकान मालिक अपनी बद्दी सी हंसी हंसते सामने खड़ा था।मेघना उसे देख पहले तो थोड़ा घबरा गई,फिर खुद को सम्हालते हुए उसने कहा ,जी शर्मा जी आप यह इस वक्त ,उसके मकान मालिक ने उसे ऊपर से लेकर नीचे तक बड़ी गंदी नजर से देखा।मेघना का मन किया कि वो कही जाकर चुप जाए,वो इस आदमी की गंदी नीयत अच्छे से जानती थी,पर