ऑफिस का कमरा — रात का समय।श्राव्या अपनी डेस्क पर बैठी है, कंप्यूटर स्क्रीन की हल्की रोशनी उसके चेहरे पर पड़ रही है। सारी लाइट्स बुझी हैं। बाहर बारिश की हल्की आवाज़ और बिजली की चमक माहौल को डरावना बना रही हैं। श्राव्या कंप्यूटर पर कुछ काम करने की कोशिश कर रही है, पर बार-बार उसका ध्यान 9th फ्लोर की यादों की ओर जाता है।श्राव्या (धीरे से, खुद से) बोली - मैं कैसे वहाँ गई थी...? वो हरी परछाई... मुझे क्यों बुला रही थी?वो अपने हाथों से बालों को सहलाती है, पर एक ठंडी हवा उसके कंधे को छूती है। वो