चण्डी-दल

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चण्डी-दलकमल चोपड़ा​बंसी पानवाले से लेकर अमर टेलर तक और शामलाल सब्जीवाले की रेहड़ी से कमेटी के नल तक लोकपुरी में एक ही चर्चा थी—कल रात को दो-तीन औरतों ने रामरतन को बुरी तरह धुन के रख दिया। उसी के घर में घुसकर वह भी रात के वक्त। आजकल औरतों की हिम्मत कितनी बढ़ गयी है। कल भी रामरतन दारू पीकर आया था। रोजाना की तरह छोटी-सी किसी बात को लेकर बीवी को पीटने लगा था। पति की बेरहम पिटाई से बचने के लिए सुरस्ती बुरी तरह चीख रही थी। रात काफी हो गयी थी। अब तक शांत हो चुके बस्ती