स्वयं आप

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   स्वयं आप   कमल चोपड़ा​खाकी लोगों की दीवार सामने थी और वे उनके सामने उन्हीं के खिलाफ नारे लगा रहे थे। यह हक उन्हें लोकतन्त्र ने दिया था। चिल्ला-चिल्लाकर उनकी गले की नसें दर्द करने लगी थीं। परसों उन्होंने मुख्यमन्त्री का घेराव करने की कोशिश की थी। कल जन्तर-मन्तर पर धरना देकर बैठे थे और आज इण्डियागेट पर कैंडिल मार्च करना है, उसके बाद ही घर लौटेंगे।​छह महीने बाद ही चुनाव हैं। सरकार की जमकर बदनामी हो रही है। रेप थमने की बजाय उल्टा बढ़ गये थे। या कम-से-कम खबरों से ऐसा ही लगता था। दबी जुबान में नेता रामस्वरूप