" कोवा काटे " मंजिले कहानी सगरे की 4--भी कहानी --------- जिंदगी चूर हो जाती है, जरूरी नहीं पीने से, मेहनत से थक कर भी। सोचना जरूरी हो जाता है, किस्मत मे हर पड़ाव पर सोचना। किसी का घर बर्बाद करना हो, तो अक्सर उन लोगों से रिश्ता जोड़ो, जो बहुत चुगली करते हो। झूठ की नीव पर घर बनते ही कहा है। बन गए तो फिर तमाशा लगा रहता है। हा, एक दोस्त याद आ गया, बहुत ही प्रभावशाली स्टेमना था।...