Episode -1 (लंबी रात खत्म हुई और एक अनकहा चेहरा) अस्पताल के उस वीरान कमरे में चारों ओर सफेद दीवारों का सन्नाटा पसरा हुआ था। केवल मशीनों की 'बीप-बीप' की आवाज़ उस सन्नाटे को चीर रही थी। रिया ने बहुत धीरे से अपनी पलकें झपकाई। उसे महसूस हुआ जैसे वह सदियों पुरानी किसी गहरी और बोझिल नींद से जाग रही है। उसकी आँखो में एक अजीब सी भारीपन और थकान थी, जैसे पलकों पर किसी ने पत्थर रख दिए हों।उसने अपना शरीर हिलाने की कोशिश की, पर हाथ-पैर जैसे बेजान लकड़ी के टुकड़े हो चुके थे। सब कुछ धुंधला था... जैसे