पवित्र बहु - 11

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दिव्यम के दोस्त की शादी थी।हलचल, हँसी, तैयारियाँ…लेकिन इन सबके बीच चित्र का मन थोड़ा घबराया हुआ था।दिव्यम ने आते ही कहा—“चित्र, तुम अच्छे से तैयार हो जाना… आज तुम्हें मेरे साथ चलना है।”चित्र ने हल्की सी मुस्कान दी—“जी…”लेकिन यह बात सुनते हीनीतू और दादी के चेहरे बदल गए।“अब ये भी साथ जाएगी?”“लोग क्या कहेंगे…?” खूबसूरती जो चुभ गईशाम हुई…दिव्यम एक बहुत ही सुंदर साड़ी लेकर आया।“ये तुम्हारे लिए…”चित्र चौंक गई—“मेरे लिए?”“हाँ… आज तुम सबसे अलग दिखोगी।”चित्र ने साड़ी पहनी…हल्का सा मेकअप…खुले बाल…जब वो कमरे से बाहर आई—एक पल के लिए सब रुक गए।वो सच में बहुत खूबसूरत लग रही