गुनगुन के आने के बाद त्रिशा और राजन के जीवन में खुशियां तो आई पर वहीं खुशियों के साथ साथ जिम्मेदारियां भी आई है दोनों पर। जहां एक ओर त्रिशा पर गुनगुन के आने के बाद उसकी देखभाल के साथ घर के सारे काम ओर बाकी लोगों का ध्यान रखना बहुत ही मुश्किल और थकाने वाला हो गया वहीं राजन पर भी एक सदस्य का भार और पड़। दिन पर दिन दोनों अपनी अपनी जिम्मेदारियों में उलझते जा रहे है।त्रिशा और राजन दोनों ही अपने अपने कामों में इस कदर से उलझते जा रहे थे कि उनके बीच प्यार के