गजानन-परीक्षाप्रभु की लीला अपरंपार है। उसे जान पाना, समझ, पाना हर किसी के वश की बात नहीं। उसकी इच्छा हो तो अग्नि में से जल का स्रोत फूट पड़े अथवा जल से अग्नि की भयानक लपटें निकलने लगें। उसकी इच्छा के बिना कुछ भी संभव नहीं। सबकुछ उसकी दया दृष्टि पर निर्भर करता है। उसका खेल बड़ा निराला है। वह जिसे चाहे जीत दिला दे और जिसे चाहे हार का कड़वा घूँट पिला दे। यह विदित नहीं कि वह कब क्या कर दे।भला कोई किसी पर तलवार से और भालों से वार करे और वह बच जाए तो इसे प्रभु