खूनी शतरंजलेखक: विजय शर्मा एरी भूमिकारात का अंधेरा हवेली को निगल चुका था। टूटी खिड़कियों से आती हवा सीटी बजाती हुई भीतर घुस रही थी। दीवारों पर टंगी पुरानी घड़ियाँ मानो समय को रोक चुकी थीं। अमृत, एक युवा लेखक, अपने भीतर जिज्ञासा और भय दोनों लिए उस हवेली में दाखिल हुआ। उसके हाथ में वह रहस्यमयी पत्र था—“आओ, खेलो मौत का खेल। अगर जीत गए तो अमरत्व, अगर हार गए तो मौत।” ---पहला अध्याय: निमंत्रण का रहस्यअमृत ने पत्र को कई बार पढ़ा था। हर बार उसे लगता कि यह कोई साहित्यिक मज़ाक है। लेकिन पत्र पर बने लाल स्याही के