उस ढलती हुई रात को भोर होने से पहले जमुना देवी की चीख ने मोहल्ले वासियों की नींद तोड़ दी। उसका करुण क्रंदन सर्द रात की हवा के झोंके के साथ मानों खिड़कियों के शीशे तोड़कर शयनकक्षों तक पहुंच गया था। धीरे-धीरे सुगबुगाहट शुरू हुई, लोग बाहर निकलने लगे तो पता चला कि मेरे पड़ोस में रहने वाला नीलेश गुजर गया है। एक दिन पहले ही सीने में दर्द उठा था, शायद हार्ट अटैक रहा होगा। जमुना देवी की आंख का तारा कहीं अचानक डूब गया था, गुम हो गया था