रात का खाना खत्म हुआ तो शालिनी ने अपने 12 साल के बेटे को प्यार से सुला दिया। कमरे की लाइट बंद करते हुए उसने एक गहरी सांस ली—क्योंकि जानती थी कि आज की रात उसकी ज़िंदगी बदलने वाली है।ड्रॉइंग रूम में मनोज अख़बार पढ़ रहा था।शालिनी उसके सामने आकर बैठ गई। चेहरा उतरा हुआ था, आवाज़ काँप रही थी।"मनोज... मुझे तुमसे एक सच कहना है,"उसने धीरे से कहा।मनोज ने चश्मा उतारा और शांति से उसकी तरफ़ देखा।"कहो शालिनी, क्या बात है?"शालिनी की आँखें झुक गईं।"मेरा... मेरा विकास के साथ अफेयर है।"मनोज ने जैसे पहले से ही ये बात अपने