कहानी: “रंग चुराने वाला बादल”एकबार की बात है, एक छोटा सा गाँव था—सतरंगीपुर इस गाँव की खास बात थी कि यहाँ हर चीज़ रंग-बिरंगी थी। पेड़ नीले, फूल सुनहरे, और आसमान कभी गुलाबी तो कभी बैंगनी हो जाता था।गाँव में एक प्यारी सी बच्ची रहती थी—गुड़िया।गुड़िया को रंगों से बहुत प्यार था। वो हर दिन अपने छोटे से बैग में रंग भरकर बाहर खेलने जाती थी।लेकिन एक दिन कुछ अजीब हुआ...सुबह जब गुड़िया उठी, तो उसने देखा—पूरा गाँव काला-सफेद हो गया था! पेड़, फूल, घर… सब कुछ बेरंग!गुड़िया घबरा गई, “माँ! हमारे गाँव के रंग कहाँ चले गए?”माँ ने