1970 में मध्यप्रदेश के एक छोटे से कस्बे में सुबह 5 बजे श्री राम जी के घर एक पुत्री का जन्म हुआ।कन्या देखने में बहुत ही सुंदर और स्वस्थ थी।जब उसका जन्म हुआ, तो श्री राम जी बहुत खुश हुए। उन्हें अपनी बेटी में देवी का रूप दिखाई दिया।परंतु उनकी पत्नी और उनकी माँ उदास हो गईं। वे अपनी पहली संतान के रूप में लड़की नहीं चाहती थीं।श्री राम जी की माँ को तो जैसे सदमा लग गया हो। उनके लिए यह लड़की मानो उनके बेटे के सिर पर बोझ बनकर आई थी।श्री राम जी ने उन्हें बहुत समझाया कि