प्राणदंड का आदेशआचार्यों ने प्रह्लाद को अनेक प्रकार से भयभीत करने का प्रयास किया कि वह अपने मन से विष्णु का नाम सदैव के लिए निकाल दे, लेकिन आचार्यों को कोई सफलता नहीं मिली। आचार्यों ने देखा कि जितना प्रह्लाद को डराने धमकाने का प्रयास करते हैं, विष्णु के प्रति उसकी भक्ति और अधिक दृढ़ होती जाती है। अंततः आचार्यों ने विचार किया कि प्रह्लाद को यदि नए-नए विषयों की शिक्षा दी जाए तो हो सकता है कि उसका मन विष्णु से विमुख हो जाए। अपनी इस नवीन सोच के साथ आचार्यों ने प्रह्लाद को भिन्न-भिन्न प्रकार के रोचक विषयों