डबल गेम: मर्यादा वर्सेस मक्कारी - 30

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जिम के काम निपटाने के बाद वंशिका भारी मन से शबनम के बताए पते पर पहुँची। यह शहर की जानी-मानी एडवोकेट महिमा का दफ्तर था। महिमा अपनी तीखी बुद्धिमत्ता और पारिवारिक विवादों को सुलझाने की अपनी अनूठी शैली के लिए प्रसिद्ध थीं।दफ्तर के भीतर पहुँचते ही वंशिका ने अपनी पूरी कहानी कह सुनाई—भूपेंद्र का विश्वासघात, काया की घुसपैठ और मनोरमा की चुप्पी। महिमा ने बड़े गौर से सब सुना और फिर एक गहरी नज़र वंशिका पर डाली।"वंशिका, पहली गलती तुम्हारी है," महिमा ने सपाट लहजे में कहा। वंशिका ठिठक गई। महिमा ने आगे कहा, "तुम्हें उसे घर पर रखना था,