एक सपना क्या हो पाएगा अपना?

उत्तर भारत के एक छोटे से गाँव सीतामढ़ी के पास बसे एक साधारण से गाँव में एक लड़का रहता था — उसका नाम था आरव। गाँव बहुत छोटा था, कच्ची सड़कें, मिट्टी के घर, और चारों तरफ खेत। वहाँ के लोगों की जिंदगी बहुत साधारण थी। ज़्यादातर लोग खेती या मजदूरी करके अपना गुज़ारा करते थे।आरव का परिवार भी उन्हीं में से एक था। उसके पिता रामनारायण खेतों में मजदूरी करते थे। सुबह सूरज निकलने से पहले घर से निकल जाते और शाम को थके हुए लौटते। उसकी माँ सविता गाँव के कुछ अमीर घरों में झाड़ू-पोंछा और बर्तन धोने