> मालिक ! इस कागज पर ऐसा क्या लिखा है जिससे पड़कर आपकी ये हालत हो गयी। दक्षराज कागज़ को दयाल के हाथ मे थमा देता है। दयाल कागज को मन ही मन पड़कर लगता है। चेतन ने कागज पर लिखा था के हवेली के आसपास कोई दैत्य शक्ती है जिसका आभास मुझे हो रहा है। शायद वो शक्ती छिपकर हमारी बात सुन रहा है इसिलिए मेैने इस कागज पर लिख कर तुम्हे सब बता रहा हूँ। चट्टान सिंह की बात मुझे समझ मे आ गया है क्योकी हॉस्पिटल मे मुझे आभास हो गया था के आलोक को मुझ-पर शक हो गया