चंगुल

चंगुल                            कमल चोपड़ा                        ​लड़की का चेहरा नहीं दिखाया गया था। धुंधले अक्स और आवाज़ के ज़रिए ही माँ-बाबूजी ने पहचान लिया था। उन्होंने कभी सोचा न था कि उनकी बेटी रोमांचक खबर बन जाएगी। एक साल पहले, अचानक गुम हो जाने के बाद, आज उसकी खोज-खबर न्यूज़ चैनल के ज़रिए उन तक पहुँच रही थी। उनके कोठरीनुमा घर में जैसे कोई ज्वालामुखी फट पड़ा था। ख़बर का एक-एक शब्द बहते-बरसते गरम लावे की तरह उनके वजूद को