उसे इस तरह तड़पते हुए देख सभी घबरा से गये थें। पार्टी-वार्टी छोड़ वे सब उसे घेरे हुए बैठे थे और वो बस सबको ताकने का काम कर रही थी। पर इस बात से वह खुश थी कि सब उसके लिए कितना परेशान हो रहें हैं। "मां! आप परेशान मत हो, मैं पूरी तरह ठीक हूं।" उसने कहा और मुस्कुरा दी। जिसे किलकारियां भरते देख सबके चेहरे पर मुस्कान लौट आई। उसने तय किया कि जब तक वह बड़ी नहीं हो जाती तब तक वो अपने दुश्मनों को नजरंदाज करेंगी। "वैसे भी उन्हें तो अंदाजा भी नहीं है कि मैं वापस आ