बड़े दिल वाला - भाग - 13

अभी तक आपने पढ़ा कि अनन्या ने वीर की असलियत अपनी आँखों से देख ली और उसका भ्रम टूट गया। विश्वासघात से आहत होकर वह घर लौटी, जहाँ अनुराग ने उसके "सॉरी" लिखे कागज़ को देखकर सब समझ लिया, लेकिन फिर भी अनजान बना रहा। अनुराग ने उसे पत्नी के रूप में स्वीकार किया और विवाह को पवित्र बंधन मानकर निभाने का संकल्प लिया, जबकि अनन्या मन ही मन अपने माता-पिता की बातों की सच्चाई को स्वीकार कर रही थी। अब इसके आगे- 'अनु, तुम कहाँ चली गई थीं?', अनुराग की इस बात का अनन्या ने कोई जवाब न देते