त्रिशा... - 38

  • 294
  • 93

राजन ने उन लोगो के पास जाकर आदर से त्रिशा के पापा और मामा को नमस्ते कहा। उन्होनें भी उसे सुखी और सफल रहने का आशीर्वाद दिया। फिर एक एक कर त्रिशा के चारों के भाईयों ने एक एक कर राजन के पैर छुए। त्रिशा ने भी नीचे आकर राजन की नानी, मामी और मां के पैर छुए और अपने पापा और मामा को नमस्ते कहा। समान्य शिष्टाचार के बाद सभी लोग वहीं  बैठ गए। मेहमानों के लिए जल्दी से पहले चाय - नाश्ते का इंतजाम किया गया। फिर चाय और गपशप के बाद , मेहमानों को पकवानों से खातिरदारी का इंतजाम