पर्दे के पीछे - 2

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मिश्रा जी जैसे ही अंदर आए, उन्होंने देखा — मिश्राइन जी का चेहरा उतरा हुआ था।बच्चियाँ चुपचाप टीवी देख रही थीं।Mishra ji ने बैग रखा और बोले —“क्या हुआ? आज मुँह इतना फूला क्यों है?”Mishrain ji गुस्से में बोलीं —“क्या बताऊँ आपको… आज बाहर नाली साफ करने वाले आए थे। उनमें से एक बिना पूछे हाथ धोने घर के अंदर आ गया। सीधा नल पकड़ लिया।”उनकी आवाज़ में गुस्सा साफ था।“मैंने उसे खूब सुनाया। बोला — बिना पूछे घर में घुसने की हिम्मत कैसे हुई? जैसे-तैसे बाहर निकाला। फिर पूरा घर दोबारा साफ करना पड़ा।”Mishrain ji कुछ देर रुकीं, फिर