(जब बेटी ने प्यार को समझा)समय बीत गया।आर्या अब 22 साल की हो चुकी थी।कॉलेज खत्म हो गया था।और वह बिल्कुल अपनी माँ की तरह दिल से जीने वाली लड़की बन चुकी थी।नैना उसे देखती तो मुस्कुराती —“ये मेरी ही तरह प्यार में पूरी डूब जाएगी।”आरव कहता —“बस… उसे हमारे जैसी गलती न करनी पड़े।” पहली मोहब्बतएक शाम आर्या घर आई तो चुप थी।नैना ने तुरंत पहचान लिया —“किसी ने दिल छुआ है?”आर्या शर्मा गई।“मम्मा… आर्यन है… मेरे साथ पढ़ता था…हम एक-दूसरे को पसंद करते हैं।”आरव चुपचाप सुन रहा था।उसे अपनी पुरानी यादें याद आ रही थीं —जब उसने प्यार