पिछले अध्याय में हमारी मुलाकात हुई हमारे कहानी के नायक ...मिस्टर अनिरुद्ध सिंह महेश्वरी से..!!अब आगे!अध्याय :5 तभी केबिन में एक व्यक्ति एंट्री लेता है।वह व्यक्ति: (अनिरुद्ध की ओर बढ़ते हुए) congratulations मेरे भाई।(अनिरुद्ध को गले लगाते हुए) माय अनि darling तुझे बेस्ट यूथ बिजनेस टायकून का अवॉर्ड मिल रहा है। I am very proud of you brother..!!(ये है आनंद सिंघानिया... अनिरुद्ध के मौसेरे भाई और बचपन के दोस्त..!! माता पिता की मौत के बाद बचपन से अनिरुद्ध के साथ ही रहते है। अनिरुद्ध के हमउम्र, स्वभाव : हसमुख ..दिखने में ये भी अनिरुद्ध से कम नही !! पर अनिरुद्ध जैसे