तुम मेरे लिए

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भाग 1रात का समय था। बाहर हल्की बारिश हो रही थी। खिड़की के शीशों पर गिरती बूंदें कमरे में अजीब सी खामोशी पैदा कर रही थीं। कमरे के अंदर सिया सोफे पर बैठी थी, आँखें नम, हाथ काँप रहे थे।उसके सामने खड़ा था आर्यन — उसका पति। says... या कहें, मजबूरी का पति।उनकी शादी को अभी सिर्फ दो महीने हुए थे, लेकिन सिया की जिंदगी जैसे कई साल बूढ़ी हो चुकी थी।आर्यन ने धीरे से कहा,“सिया… अब तो आदत हो जानी चाहिए तुम्हें।”सिया ने उसकी तरफ देखा।उस नज़र में प्यार नहीं, डर था।“मैंने तुमसे शादी प्यार से नहीं की,” सिया