भाग 1शाम ढल रही थी। आसमान में हल्की सुनहरी रोशनी फैली हुई थी, जैसे दिन रात को विदा करते हुए मुस्कुरा रहा हो। शहर की भीड़भाड़ के बीच एक लड़की तेज़ कदमों से बस स्टॉप की ओर बढ़ रही थी। उसके हाथ में किताबें थीं, बाल हल्की हवा में उड़ रहे थे, और चेहरे पर थकान के बावजूद एक सुकून भरी मुस्कान थी।उसका नाम था चांदनी।नाम जैसा ही उसका स्वभाव भी शांत और कोमल था। साधारण परिवार की, साधारण सी लड़की, लेकिन उसके सपने बिल्कुल साधारण नहीं थे। वह पढ़-लिखकर अपने परिवार की हालत बदलना चाहती थी।उसके पिता की छोटी