एक घटना जो बहुत कुछ सीख गई।

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यह किरण की बचपन की बात है। क्या हुआ 14 वर्ष की थी।एक दिन उसकी मां सुनैनाअपने सारे कार्य समाप्त कर बोली_बेटा दिवाली आ रही है ,दिवाली की खरीदारी करने चलते हैंवहां से तुम्हारी मौसी के घर भी चलेंगे । किरण_ हम मां जरूर चलते है मेरा भी मन बहल जाएगा, बहुत दिन हो गय है, चलते है"। ( वह दोनों गाडी मे बैठती हे और दिवाली की खरीदारी करने के लिए निकल जाती है ।) रास्ते में अचानक से एक वृद्ध महिला का एक्सीडेंट हो गया; और वह काफी घायल हो गई  थी। वहां बहुत सारे लोग थे" लेकिन उसमें से किसी ने भी