पुराना और नया

  • 240
  • 87

पुराना और नया कहानी: विजय शर्मा एरी  ---प्रस्तावनापुरानी चीज़ों में एक अजीब-सी आत्मा होती है। वे सिर्फ़ वस्तुएँ नहीं रहतीं, बल्कि समय, यादें और भावनाओं का संग्रह बन जाती हैं। यह कहानी एक ऐसे ही पुराने रेडियो की है, जो वर्षों तक एक घर के कोने में पड़ा रहा—धूल से ढका, पर अपनी आवाज़ को भीतर संजोए हुए। और फिर एक दिन, उस रेडियो को मिली एक नयी आवाज़, जिसने न सिर्फ़ उसे जीवित किया बल्कि एक परिवार की ज़िंदगी बदल दी।  ---पहला अध्याय: पुराना रेडियोगाँव के एक छोटे से घर में, लकड़ी की अलमारी के ऊपर रखा था वह रेडियो। काले रंग