आज्ञाकारी पत्नीएक छोटे से गाँव में राधा नाम की एक युवती रहती थी। उसकी शादी गाँव के सबसे अमीर जमींदार के बेटे अजय से हुई थी। अजय का स्वभाव सख्त था। वह घर का मुखिया था और मानता था कि पत्नी का काम सिर्फ़ आज्ञा मानना, घर संभालना और पति की सेवा करना है।राधा बचपन से ही संस्कारों में पली थी। माँ ने उसे हमेशा कहा था "बेटी, पति परमेश्वर होता है। उसकी बात टालना पाप है।" इसलिए राधा चुपचाप सब कुछ करती। सुबह उठकर रसोई, घर की सफाई, खेतों का हिसाब, मेहमानों की सेवा सब कुछ बिना एक शिकायत