Hi दोस्तों,आज Hug Day है… तो एक किस्सा share करना चाहता हूं...College के 2 साल हम साथ गुज़रे। दोस्त थे, बातें होती थीं, हंसी-मज़ाक होता था। पर वो extrovert थी — full-on energy, सब से openly बात करती, सबकी favourite. और मैं? पूरा introvert. चुप-चाप corner में बैठा रहता, लोगों से ज़्यादा books और thoughts से दोस्ती।फिर भी जब भी हम मिलते, एक अलग सी feeling आती थी। Simple, calm, positive vibe. Background में violin बजने लगे, दुनिया रुक गई… ऐसा dramatic scene नहीं था, बस दिल हल्का सा खुश हो जाता था उसके आस-पास।और हर बार वो यही कहती