भाग–1 (Part–A)शैतान से टकराई एक मासूम ज़िंदगीमुंबई की रातें अक्सर रौशनी से चमकती हैं,लेकिन उस रात अँधेरा ज़्यादा भारी था।समंदर के पास खड़ी उस आलीशान बिल्डिंग की सबसे ऊँची मंज़िल परएक आदमी खड़ा था—हाथ में व्हिस्की का ग्लास, आँखों में बेरहमी।रिहान अज़ीम ख़ान।बिज़नेस वर्ल्ड का अनक्राउन्ड किंग।माफ़िया वर्ल्ड का बेताज बादशाह।उसके नाम से शेयर मार्केट हिल जाता था,और अंडरवर्ल्ड में मौत का ऑर्डर निकल जाता था।“सर, लड़की मिल गई है,”पीछे खड़े आदमी ने डरते हुए कहा।रिहान ने बिना पीछे देखे पूछा,“ज़िंदा है?”“जी… अभी तक।”रिहान के होंठों पर हल्की सी मुस्कान आई—जो मुस्कान नहीं, खतरे का संकेत थी।इरा की दुनियाइरा खान—मिडल