लहू के आँसू और वो काली रातआज अमावस्या की बेहद डरावनी और काली रात थी। मध्य प्रदेश के एक छोटे से गाँव के उस मोहल्ले पर इस अंधेरी रात का गहरा साया छाया हुआ था। बाहर सन्नाटा और अंधेरा था, लेकिन दीनानाथ के घर के अंदर का माहौल बाहर के अंधेरे से कहीं ज्यादा भयानक था। हॉल में टीवी तेज़ आवाज़ में चल रहा था। समाचार चैनल पर देश-दुनिया की खबरें गूंज रही थीं, लेकिन उन्हीं दीवारों के बीच एक 21 साल के युवक की सिसकियाँ उस शोर में दब कर रह गई थीं।रुद्रांश ज़मीन पर घुटनों के बल बैठा