अधूरा इश्क़ एक और गुनाह - 6

निधि हमेशा सोच-समझकर काम करती थी। घर में सबका ख्याल रखना उसका स्वभाव था। लेकिन कुछ लोग—खासकर उसकी सास—उसकी हर छोटी खुशी में भी रुकावट डालते।एक दिन सासू मां ने निधि से कहा,“यह सूट मत पहनो। रंग उड़ गया है, खराब हो गया है। मैं तुम्हारे लिए नया दिलाऊंगी।”निधि ने मुस्कुराते हुए सूट को साइड में रख दिया। उसने सोचा, “अगर सासू मां को यह पसंद नहीं है, तो मैं इसे क्यों पहनूँ?”सुधांशु चुपचाप देख रहा था, समझ नहीं पा रहा था कि निधि इतनी संयमित और शांत कैसे रह सकती है। लेकिन उसके कानों में अब सास की आवाज